डलहौजी के नाम को बदलने की खबर झूठी नहीं मिला कोई पत्र – राजभवन

a

चंबा। भाजपा नेता और राज्यसभा के सदस्य सुब्रमहणयम स्वामी द्वारा डलहौजी के नाम को बदल कर नेता जी नगर रखने की ख़बर को राजभवन द्वारा अफवाह बताया गया है। पिछले कई दिनों से न्यूज चैनलों और अखबारों द्वारा स्वामी के एक पत्र का ज्रिक किया जा रहा है जिसमें डलहौजी का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखने की मांग की है।

डलहौजी के नाम को बदला जाएगा ?

आउटलुक की ख़बर के अनुसार राजभवन को ऐसे किसी भी पत्र की प्राप्ति नहीं हुई है। जिसमें शहर का नाम बदलने कि मांग की गई हो। इसके अलावा दो दिन की दिल्ली यात्रा करके लौटे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी ऐसी किसी तरह की मांग को गलत बताया है। जयराम ने कहा कि हिल स्टेशन डलहौजी के नाम के बदलाव को लेकर ना ही हम किसी तरह से समर्थन करते है और ना ही सरकार ऐसा कोई विचार कर रही है।

READ ALSO : हिमाचल में कोरोना से होने वाली मौतों में आई कमी

बता दे डलहौजी के नाम में बदलाव की ख़बर चलने के बाद चंबा में पार्टियों समेत व्यवसाय और होटल मालिकों द्वारा विरोध शुरू हो गया है। जिसके बाद 6 साल डलहौजी की एमएलए रही आशा कुमारी ने भी स्वामी द्वारा कहीं गई बातों को तर्क-हीन कहा साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है जिसमें डलहौजी की अंतराष्ट्रीय स्तर की लोकप्रियता को देखते हुए इसके नाम को बदलने के फैसले का विरोध किया है।

डलहौजी के नाम के बदलाव में को लेकर विरोध जारी

डलहौजी में हजारों की संख्या में लोकल और विदेशी पर्यटक यहां पर हर साल घूमने के लिए आते है। इसके अलावा यहां के लोकल व्यापारी, होटल मालिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी शहर के नाम को बदलने का विरोध कर रहे है। ये बात सही है कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस यहां पर आए थे और हम उनका समान भी करते है। जिसके लिए यहां पर कई जगहों का नाम नेता जी के नाम पर रखा गया है, जैसे नेता सुभाष चंद्र चौक आदि। हम सुभाष चंद्र बोस जी काम पूरा समान करते है लेकिन लोगों के हितों के लिए सरकार को ऐसा कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिए।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री शांता कुमार की सरकार में यहां का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन उस दौरान भारी विरोध के बाद फैसले को वापिस ले लिया गया था।