हिमाचल में कोरोना से होने वाली मौतों में आई कमी

Untitled design 5

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा अब कम होने लगा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से 23 लोगों की मौत हुई है। जिसमें कांगड़ा में 7, सिरमौर 7 और शिमला में 5, मंडी और सोलन में 2-2, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिले में एक-एक मरीज ने दम तोड़ा है।

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 995 मरीज पॉजिटिव आए हैं। कांगड़ा में 201, ऊना में 143, मंडी में 137, चंबा में 111, हमीरपुर में 93, शिमला में 79, बिलासपुर में 75, सिरमौर में 51, सोलनमें 44, कुल्लू में 36, किन्नौर में 15 और लाहौल स्पीति में 10 मरीज कोरोना पॉजिटिव आए है।

अब प्राईवेट अस्पतालों में भी कोरोना टीका उपलब्ध

प्रदेश में टीकाकरण कार्यक्रम के लिए 39 निजी अस्पताल को चिन्हित और सूचीबद्ध किया गया है। जहां पर लोग वैक्सीन लगा सकते हैं। इसमें कांगड़ा स्थित फोर्टिस अस्पताल ने कोविड वैक्सीन प्राप्त कर ली है। 4 जून से यहां आम लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया जाएगा। कोविशील्ड टीका का शुल्क 850 रुपए प्रति डोज निर्धारित किया गया है।

jpg

हिमाचल प्रदेश में अभी तक केवल सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर में ही कोविड वैक्सीन कोविशील्ड की डोज निर्धारित समय पर केंद्र सरकारी की गाइडलाइन के तहत दी जा रही थी। लेकिन अब प्रदेश में कहीं भी प्राईवेट वैक्सीनेशन सेंटर की उपलब्धता नहीं थी। अब फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा की ओर से प्राईवेट कोविड वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाएगा।

READ ALSO : मनाली में कोरोना रिपोर्ट लेकर पहुंच रहे पर्यटक

किन्नौर के संजीवनी जिंदल अस्पताल में जिंदल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थय विभाग के अनुसार 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोग इन अस्पतालों में शुल्क भुगतान कर टीका लगा सकते हैं

मधुमेह से पीड़ित कोरोना मरीजों के लिए दिशा निर्देश जारी

कोविड से पीड़ित कोरोना मरीजों के लिए केंद्र सरकार द्वारा निदान और प्रबंधन पर दिशा-निर्देश जारी हुए है। सामान्य ब्लड शुगर स्तर वाले मरीजों में वायरल बीमारी विशेषकर कोविड के मामलों में ब्लड शुगर के स्तर में बढ़ोतरी देखी गई है। कोविड उपचार के लिए दिए जाने वाले स्टेरायड से भी यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में कुछ विशेष ब्लड शुगर के मरीजों की रोजाना जांच और उन्हें दिए जाने वाली दवाईयों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

READ ALSO : रोहतांग दर्रा में वाहनों की आवाजाही हुई शुरू, लाहौल व पांगी में गैस सिलेंडर की सप्लाई में तेजी

उनका कहना है कि दिशा- निर्देशों के अनुसार कोविड देखभाल संस्थानों में ग्लूकोमीटर के माध्यम से प्रत्येक मरीज की कम से कम दो बार ब्लड शुगर की जांच की जानी चाहिए। मधुमेह से पीड़ित कोविड मरीज का उपचार मधुमेह के अनुसार होना चाहिए ।

स्वास्थय विभाग के प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में कोविड- 19 के कारण मरने वालों में 50 प्रतिश्त लोग कोमॉरबिडिटिज से पीड़ित थे। इनमें मधुमेह से पीड़ित मृतकों का प्रतिशत 48.1 हैं। उन्होंने होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित या संदिग्ध मरीजों से हिमाचल कोवि़ड केयर एप पर पंजीकरण करने तथा अपने संबंधित चिकित्सक से नियमित संपर्क में रहने के लिए कहा है।